महराजगंज:बोदना से कटखोर तक मौत का सफर बनी सड़क, गड्ढों में दफन विकास की तस्वीर
बरसात में 4-5 फीट पानी से कट जाता है संपर्क, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश

महराजगंज। विकास के दावों की पोल खोलती बोदना से कटखोर तक जाने वाली सड़क आज बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। कभी ग्रामीणों की जीवनरेखा कही जाने वाली यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों, जलभराव और कीचड़ का पर्याय बन चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि राहगीरों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरू होते ही इस सड़क पर चार से पांच फीट तक पानी बहने लगता है, जिससे पूरा मार्ग तालाब में तब्दील हो जाता है। नतीजतन बोदना और कटखोर समेत आसपास के गांवों का संपर्क निचलौल, ठूठीबारी और जिला मुख्यालय महराजगंज से लगभग टूट जाता है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ती है। बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी दिक्कत होती है और कई बार एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से आए दिन बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है।
सुरेंद्र रावत, मुन्ना अंसारी, नसरुद्दीन अंसारी, मारूफ आलम, सैमुद्दीन, सुकुरुल्ला हाफिजी, गुफरान उर्फ शहजादे और मुख्तार समेत कई ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या से आंखें मूंदे बैठे हैं और ग्रामीण बदहाली झेलने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महराजगंज, लोक निर्माण विभाग तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और बरसात के दौरान गांव का संपर्क बाधित न हो।
बड़ा सवाल
आखिर प्रशासन की नींद कब टूटेगी? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार जागेंगे, या फिर बोदना से कटखोर तक के ग्रामीण इसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेंगे?
रिपोर्ट: सुरेंद्र रावत
निशा प्रहरी समाचार



