गुरुपूर्णिमा पर गुरु परंपरा के सम्मान के साथ सामाजिक समरसता का संदेश, विधायक अनिल सिंह ने किया प्रतिभाओं का सम्मान

सपना रावत,संवाददाता मौरावां(उन्नाव)
मौरावां/उन्नाव। गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु परंपरा के सम्मान के साथ सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश दिया गया। क्षेत्रीय विधायक अनिल सिंह ने बाबा नंदेश्वर मंदिर परिसर एवं सदर बाजार में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर गुरुजनों, संतों और समाजसेवियों का सम्मान किया तथा समाज को संत महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
बाबा नंदेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक अनिल सिंह ने संध्या वंदन समिति के सदस्यों को रामचरितमानस एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन को सफल एवं सार्थक बना सकता है।

विधायक ने कहा कि गुरुओं के आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात कर समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।

इसके उपरांत विधायक अनिल सिंह सदर बाजार में आयोजित संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास की 650वीं जयंती समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने 65 दीप प्रज्ज्वलित कर संत गुरु रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने संत गुरु रविदास के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई तथा समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि संत गुरु रविदास ने अपने जीवन और कर्मों से यह सिद्ध किया कि मानवता, प्रेम और सद्भाव ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में रामबाबू शुक्ला, कृष्णकांत चतुर्वेदी, विजय तिवारी, बचान दीक्षित, रमेश बाजपेई, मंडल अध्यक्ष रामशंकर लोधी, अभिषेक सिंह, देशराज रावत, राजन दीक्षित, मुकेश निर्मल, अमित रावत, सुर्जन सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में गुरु वंदन, संत गुरु रविदास के आदर्शों के स्मरण तथा सामाजिक एकता एवं सद्भाव बनाए रखने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। गुरुपूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के संयुक्त आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित किया।



