अक्षय तृतीया पर ‘सतर्कता दिवस’: बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल

अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए सक्रिय संगठन सर्वहितकारी सेवाश्रम ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर ‘सतर्कता दिवस’ मनाया। इस अभियान का उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ), आशा यूनिट, पंचायत प्रतिनिधि, स्कूल प्रबंधन और धर्मगुरुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया और हजारों लोगों को इसके विरुद्ध शपथ दिलाई गई।
सर्वहितकारी सेवाश्रम द्वारा गांवों और विद्यालयों में निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में बाल विवाह के दुष्परिणामों को लेकर समझ बढ़ी है। खासतौर पर अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील अवसरों पर विशेष निगरानी और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
यह संगठन देशभर के 250 से अधिक संगठनों के नेटवर्क ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ का सहयोगी है, जो 450 से अधिक जिलों में कार्यरत है और अब तक पांच लाख से अधिक बच्चों को बाल विवाह से बचाने में मदद कर चुका है।



