भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बैठवलिया का मिनी स्टेडियम, दो साल में दो बार मरम्मत के बाद भी दीवारों में दरार

निचलौल/महराजगंज। निचलौल विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सभा बैठवलिया में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया मिनी स्टेडियम निर्माण के महज दो साल के भीतर ही सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टेडियम की दो बार मरम्मत कराए जाने के बावजूद इसकी दीवारों में फिर से दरारें पड़ गई हैं और कुछ स्थानों पर दीवारें टूटकर गिरने लगी हैं।

ग्राम सभा बैठवलिया निवासी प्रभाकर जायसवाल और भोलू मद्धेशिया का आरोप है कि स्टेडियम निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल बालू और सीमेंट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यही वजह बताई जा रही है कि निर्माण के कुछ ही समय बाद दीवारों में दरारें आने लगीं।
प्रभाकर जायसवाल के मुताबिक, स्टेडियम बनने के बाद से अब तक दो बार मरम्मत का कार्य कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त 2026 को जब वह स्टेडियम के पास पहुंचे तो वहां एक बार फिर मरम्मत का काम चलता मिला।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण कराया गया था तो बार-बार मरम्मत की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? उनका आरोप है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी नहीं की गई।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराकर निर्माण की गुणवत्ता की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था की भूमिका की पड़ताल तथा दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि सरकारी धन से तैयार इस मिनी स्टेडियम की बार-बार मरम्मत का सिलसिला आखिर कब तक जारी रहेगा और निर्माण की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?



