विधायक रामचंद्र यादव के प्रयास से पूरी हुई परिवार की अंतिम इच्छा श्री विधायक ने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का किया था आग्रह
सुरेंद्र लोधी का शव बारी गांव पहुंचते ही उमड़ी भारी भीड़, शोक में डूबा गांव विधायक रामचंद्र यादव भी गांव पहुंच परिजनों को बंधाया ढांढस

रुदौली-अयोध्या। 5 अप्रैल को सऊदी अरब में संदिग्ध हालात में हुई रूदौली विधानसभा क्षेत्र के पूरे परसन बारी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार लोधी की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया था। परिजनों की बस एक ही ख्वाहिश थी, कि अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने गांव की मिट्टी में हो।कई दिनों के इंतजार, चिंता और उम्मीद के बाद आखिरकार वह मंजर आया, जब सुरेंद्र लोधी का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो उठी। वही मृतक के घर पर कोहराम मच गया। परिजन अपने बेटे का शव देख जोर जोर से दहाड़ मार मार कर रोने चिल्लाने लगे। इस घटना से परिवार सहित पड़ोसियों का रोरोकर बुराहाल है। इधर शव के घर पहुंचते ही क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव मौके पर पहुंचे और गमगीन माहौल में परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और माहौल बेहद मार्मिक हो गया।बताया गया कि शव को भारत लाने के लिए विधायक ने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया था। उनके कठिन प्रयासों के बाद ही प्रक्रिया तेज हुई और अंततः सुरेंद्र अपने गांव लौट सके। और परिवार की अंतिम इच्छा भी पूरी हुई। श्री विधायक ने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस दुख की घड़ी में वह पूरी तरह उनके साथ हैं और हर संभव मदद दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गांव में बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े और नम आंखों से सुरेंद्र को अंतिम विदाई दी। जिस घर में कभी खुशियां गूंजती थीं, वहां आज सिर्फ सिसकियां और गम का सन्नाटा पसरा रहा।



