गणतंत्र दिवस पर दर्ज हुआ नाबालिग दलित लड़की के अपहरण का मुकदमा, दो सप्ताह बाद भी पुलिस खाली हाथ

ठूठीबारी, महाराजगंज।
स्थानीय ठूठीबारी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग दलित लड़की के अपहरण का गंभीर मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि गणतंत्र दिवस के दिन मुकदमा दर्ज होने के बावजूद घटना के दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सफलता नहीं लगी है, जिससे पुलिस की कार्यशैली और सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़िता की नानी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, उनका पुत्र और पुत्रवधू रोज़गार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं, जबकि नाबालिग नातिन उनके साथ रहती थी। बीते गुरुवार 22 जनवरी 2026 से नातिन अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों की तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग सका।
मामले को और गंभीर बनाते हुए पीड़िता ने बताया कि एक अज्ञात युवक द्वारा उनके एक रिश्तेदार के मोबाइल फोन पर कॉल कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी जा रही है। वृद्ध दंपति इस घटना से बुरी तरह भयभीत हैं और मानसिक तनाव में हैं।
मुकदमे में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल के दिनों में किशुनपुर गांव की रहने वाली नातिन की एक सहेली का उनके घर काफी आना-जाना था और दोनों के बीच करीबी संबंध थे। ऐसे में परिजनों ने आशंका जताई है कि उस लड़की को इस घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। पीड़िता ने पुलिस से शीघ्र कार्रवाई और नाबालिग की सकुशल बरामदगी की मांग की है।
बताया जाता है कि ठूठीबारी थानाध्यक्ष नवनीत नागर के निर्देश पर हेड कांस्टेबल सुशांत मिश्र द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन अब तक न तो नाबालिग का कोई सुराग मिल सका है और न ही आरोपियों की पहचान हो पाई है।
घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि दलित नाबालिग से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पुलिस की ढिलाई बेहद चिंताजनक है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक सक्रिय होकर पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाती है।



