संघ के शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, चंपत राय ने भरी हुंकार

रुदौली-अयोध्या। रुदौली नगर पालिका के भैरवाधाम स्थित आर.सी.एम. लॉन में हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश भर में तय किए गए एक लाख स्थलों पर हिंदू सम्मेलन की कड़ी में यह आयोजन रुदौली में संपन्न हुआ। ‘वंदे मातरम्’ से हुआ राष्ट्रभक्ति का संचार। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत ऊर्जावान रहा। आयोजन स्थल पर उपस्थित हज़ारों श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत वातावरण निर्मित हुआ। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष एवं श्री राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक ढांचा नहीं, बल्कि हिंदू समाज के सदियों के संघर्ष, अटूट आस्था और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर समाज को एक सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कार्य किया है। चंपत राय ने आह्वान किया कि अब समय अपनी जड़ों की ओर लौटने और अपनी गौरवशाली सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने का है। मुख्य अतिथि, बावन मंदिर (अयोध्या) के श्री 1008 श्री वैदेही वल्लभशरण दास जी महाराज ने मकर संक्रांति के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में समरसता और सेवा भाव जगाने का संदेश देता है। कार्यक्रम के समापन पर आयोजित समरसता भोज में ऊंच-नीच और वर्ग-भेद को त्यागकर सभी श्रद्धालुओं और संतों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने की बात कही। इस अवसर पर आशीष शर्मा, कमलेश यादव, सुग्रीव महाराज, सचिन कसौधन, तेज तिवारी, शीतला प्रसाद शुक्ला, निर्मल शर्मा, आशीष कैलाश वैश्य, श्याम बाबू गुप्ता, पंकज शर्मा, कुलदीप सोनकर, महेश चौरसिया, अजय शुक्ला, दिनेश मिश्रा, विकास मिश्रा, विजय सिंह, दिनेश यादव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे।



