बरगदवा बाजार से हो रही बड़े पैमाने पर खाद्यान्न तस्करी
भारत-नेपाल सीमा पर खुलेआम खाद्यान्न तस्करी, बरगदवा–चकरार मार्ग बना तस्करों का कॉरिडोर

बरगदवा/महराजगंज।
भारत-नेपाल सीमा से सटे बरगदवा क्षेत्र के चकरार गांव के रास्ते बड़े पैमाने पर खाद्यान्न तस्करी का खेल धड़ल्ले से जारी है। दिनदहाड़े मोटरसाइकिल और कैरियर के जरिए बोरी में भरकर खाद्यान्न नेपाल पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत के चलते तस्करों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।

मंगलवार को जीपीएस लोकेशन के साथ ली गई तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि बरगदवा बाजार से कैरियर मोटरसाइकिलों पर भारी बोरे लादकर संदिग्ध लोग सीमा की ओर जाते देखे गए। चकरार गांव की कच्ची-पक्की सड़कों से होते हुए यह खाद्यान्न नेपाल के व्यापारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तस्करी कोई नई बात नहीं है। रोजाना सुबह से शाम तक कैरियर और बाइक सवार कई चक्कर लगाते हैं। बोरी में चावल, गेहूं और अन्य राशन सामग्री भरकर सीमा पार पहुंचाई जाती है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ सुरक्षा चौकियों के पास से होकर गुजरता है, फिर भी कार्रवाई नहीं होती।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ सुरक्षा कर्मियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। खाद्यान्न तस्करी से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं जरूरतमंदों के हिस्से का राशन भी बाजार से गायब हो रहा है।
तस्वीरों में मोटरसाइकिलों पर बड़े-बड़े बोरे लादे लोगों की आवाजाही इस बात का प्रमाण है कि सीमा क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था कमजोर है। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो यह तस्करी और बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियों से सीमा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



