सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता

जीवन के लिए नियम है जरूरी,
वरना शिक्षा रहे अधूरी,
ऐसी भी है क्या मजबूरी,
किसी को नहीं है तनिक सबूरी,
आखिर ऐसी भी क्या जल्दी,
सबने मिलकर हद ही कर दी,
वर्दी में चाहे हो कोई, हो कोई चाहे बिन वर्दी,
होड़ है आगे ही जाने की चाहे गर्मी हो या सर्दी |
निकले थे जब घर से तुम तो,
एक बात ना कभी भुलाना,
ममतामयी मांँ की आँखों में,
यही लिखा था सकुशल आना |
सड़क पर जब जल्दी भागे थे,
जो सज्जन तुमसे आगे थे,
जन्मदिन था उनकी बेटी का,
नहीं कभी फिर वो जागे थे |
बिटिया बोली थी गुड़िया लाना,
अब ना करना कोई बहाना,
ना गुड़िया ना पापा आए,
छेड़ेगा अब कौन तराना ?
कुछ क्षण विलंब जो हो जाएगा,
ना आसमान नीचे आएगा,
धीमी गति से चलो हमेशा,
मंत्र सभी को ये भाएगा |
देखो तो आज के नर को,
बस चालान से बचने भर को,
हेलमेट हाथ में झूला झूले,
कुचल जाए कोई चाहे सर को,
देखो तो इनके क्या कहने,
सीट बेल्ट न कोई पहने,
जब दुर्घटना हो जाए तो,
गिरवी रख दे सारे गहने |
बत्ती लाल जले रुक जाओ,
पीली पर फिर फुर्ती लाओ,
करो प्रतीक्षा हरी होने तक,
बाद में ही गंतव्य को जाओ |
बायें अपने चलो हमेशा,
समझो महत्व जेब्रा क्रॉसिंग का,
नियम का पालन अति आवश्यक,
कहना यही यातायात पुलिस का|
अंतिम संकल्प है यही हमारा,
जीवन में ना हो अंँधियारा,
खुद होकर हम पूर्ण सुरक्षित,
बहाएँ सुरक्षा की पावन धारा |
कोई बड़ा हो या हो बच्चा,
मंत्र यही है सबसे अच्छा,
जीवन ना मिले कभी दोबारा,
“मागे॔ रक्षा, जीवन रक्षा, “
“मार्गे रक्षा, जीवन रक्षा |”
◆अंतिमा सिंह चंदेल◆



