करैलीया करैला में चकबंदी को लेकर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध, प्रशासन से लगाई गुहार

महराजगंज। लक्ष्मीपुर विकासखंड के करैलीया करैला गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। गांव की ताल भूमि को चकबंदी में शामिल किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है तथा चकबंदी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि ताल की भूमि गांव की प्राकृतिक और सामुदायिक संपत्ति है, जिसे चकबंदी प्रक्रिया से अलग रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इस संबंध में पहले भी अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे ग्रामीणों में असंतोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि ताल भूमि की चकबंदी की गई तो इसका असर गांव के जल संरक्षण, पशुपालन और खेती-किसानी पर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।
वहीं, इस मामले पर चकबंदी अधिकारी चकलाल यादव ने बताया कि पूर्व चकबंदी के दौरान नदी की कच्छवाही से संबंधित गाटे चकबंदी प्रक्रिया से अलग रखे गए थे। वर्तमान चकबंदी में संबंधित भूमि का निर्धारण किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राजस्व विभाग द्वारा उक्त भूमि पर रोक लगाने का आदेश जारी किया जाता है तो चकबंदी की कार्रवाई तत्काल रोक दी जाएगी।
फिलहाल करैलीया करैला गांव के इस विवाद पर प्रशासनिक निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों की नजर अब राजस्व एवं चकबंदी विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।



