मोटर चालित भत्ता न मिलने पर पंचायत सचिवों ने दूसरे दिन भी साइकिल पर चढ़कर गांव पहुंचकर कार्य किया
सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो विकास की रफ्तार हो सकती है धीमी : अंकुर यादव

रुदौली-अयोध्या। मवई ब्लॉक के समस्त पंचायत सचिवों ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी अपनी अपनी साइकिल से सम्बंधित गांव पहुंच कर सरकारी कार्य किया। पंचायत सचिव मोटर चालित भत्ते की मांग कर रहे हैं।ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संयुक्त संघ के ब्लाक अध्यक्ष अंकुर यादव ने बताया कि पंचायत सचिवों को सिर्फ साइकिल भत्ता ही दिया जा रहा है।ऐसे में पंचायत सचिव विरोध स्वरूप दो दिनों से साइकिल से ही गांव पहुंच रहे हैं।यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो गांवों में विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है।एक पंचायत सचिव के पास कई गांव की जिम्मेदारी रहती है।एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिए काफी समय लगता है जो साइकिल से संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से गांव के विकास को देखते हुए शीघ्र विचार करने की मांग की।इसके अलावा पंचायत सचिवों ने एफ आर एस ऑन लाइन उपस्थिति प्रणाली तथा गैर विभागीय कार्यों के बढ़ते बोझ के खिलाफ एक सप्ताह पूर्व भी ब्लाक मुख्यालय पर हाथ में काली पट्टी बांध कर अपना विरोध प्रदर्शन किया था।ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संयुक्त संघ के ब्लाक अध्यक्ष अंकुर यादव ने कहा कि सचिवों पर निरंतर बढ़ते दायित्व तकनीकी संसाधनों की कमी और अव्यवस्थित ऑनलाइन सिस्टम ने कार्यप्रणाली को अत्यंत कठिन बना दिया है।ऐसे में एफ आर एस व्यवस्था थोपना किसी तरह उचित नहीं है।अंकुर यादव ने कहा कि सचिवों की उपस्थिति फील्ड कार्य और ग्राम स्तर पर वास्तविक समस्याओं को समझे बिना ऑनलाइन बाध्यकारी प्रणाली लागू करना जमीनी हकीकत को नजर अंदाज करना है।इसलिए जब तक सरकार वास्तविक समाधान नहीं करती विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी लालजी चौरसिया, ग्राम पंचायत अधिकारी आदेश चौधरी, ग्राम पंचायत अधिकारी गोविंद सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी रवि कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी अभिषेक सिंह, पंचायत सचिव सौरभ गुप्ता, अतुल दुबे सहित आदि उपस्थित थे।



