मनरेगा में बड़ा खुलासा: मास्टरोल में महिलाओं के नाम, लेकिन तस्वीरों में एक भी नहीं!

रतनपुर (महराजगंज)।
नौतनवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत महरी घोड़हवा में मनरेगा के तहत चल रहे मिट्टी कार्य में बड़े पैमाने पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रभावती के खेत से जरली के खेत तक किए जा रहे चकबंद कार्य को लेकर विभागीय पोर्टल पर मास्टरोल संख्या 5298 से 5304 तक कुल 7 मास्टरोल जारी किए गए हैं। इन मास्टरोलों में बड़ी संख्या में महिला मजदूरों के नाम दर्ज हैं, लेकिन सच इससे बिल्कुल उलट है।
❗ तस्वीरें खोल रही हैं पोल
तफ्तीश में सामने आया कि
इन सभी मास्टरोल से जुड़ी एक भी तस्वीर में महिला मजदूर मौजूद नहीं हैं।

सभी फोटो में केवल पुरुष मजदूर ही कार्यरत दिख रहे हैं।
पोर्टल के अनुसार कुल 68 मजदूर दर्ज, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक बताई गई है।
कुछ मास्टरोल तो पूरी तरह महिला-प्रधान दिखाए गए हैं।
यहां तक कि एक मास्टरोल में सिर्फ महिलाओं के नाम दर्ज हैं, लेकिन तस्वीरों में एक भी महिला नहीं!

यह स्पष्ट संकेत है कि मनरेगा कार्य में फर्जी प्रविष्टि, कागजी हेरफेर और मजदूरों की गलत हाजिरी जैसी गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं।
◆ बीडीओ पर उठ रहे सवाल◆
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि नौतनवा ब्लॉक में वर्तमान बीडीओ की तैनाती के बाद अनियमितताओं में तेजी आई है।

●मजदूरों की गलत एंट्री●
●कागजों पर हाजिरी●
●कार्यस्थल पर मजदूरों की कमी●
●भुगतान से जुड़ी गड़बड़ियां●
मनरेगा जैसी पारदर्शी योजना में इस तरह की लापरवाही ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

◆ग्रामीणों की मांग◆
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी गड़बड़ियां नई नहीं हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से स्वत: संज्ञान लेकर जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मास्टरोल में दर्ज महिला मजदूरों की संख्या और तस्वीरों में उनकी पूरी गैरमौजूदगी सुनियोजित भ्रष्टाचार या बड़ी लापरवाही का प्रमाण हो सकता है।

■ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद■
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा, ताकि मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण योजना की विश्वसनीयता बनी रहे।



