दरबारों में नहीं, अखबारों में दिखते थे विष्णु त्रिपाठी

कानपुर। विष्णु त्रिपाठी दरबारों में नहीं, अखबारों में दिखते थे। वे गणेश शंकर विद्यार्थी की परिपाटी के निर्भीक, निष्पक्ष पत्रकारिता के प्रतिमान थे। उन्होंने कभी पत्रकारिता के मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। ये कहना था वक्ताओं का, जो प्रताप वैश्विक संस्थान की ओर से आज कानपुर प्रेस क्लब में आयोजित वरिष्ठ पत्रकार विष्णु त्रिपाठी की श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे।
वरिष्ठ पत्रकार सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि जब विष्णु जी से मिलता था, तो लगता था कि पत्रकारिता के प्रतिमान से मिल रहा हूं। वरिष्ठ पत्रकार डॉ.रमेश वर्मा ने श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विधायक सुरेंद्र मैथानी के समक्ष प्रस्ताव रखा कि कानपुर विश्वविद्यालय के नवीन भवन का नामकरण दिवंगत विष्णु त्रिपाठी के नाम पर होना चाहिए।

इस पर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने यह कार्य पूरा कराने का भरोसा दिलाया। प्रख्यात कवि डॉ. सुरेश अवस्थी ने विष्णु त्रिपाठी के व्यक्तित्व पर कविता पढ़ी, ‘वे खास से भी खास में खास रहेंगे, उनके होने के सदा अहसास रहेंगे। नाम लेते ही आएगी पत्रकारिता की खुशबू, वो दूर रहकर भी हमेशा पास रहेंगे।’ प्रेस क्लब के अध्यक्ष सरस बाजपेई ने कहा कि पत्रकारिता में एक वो कठोर शिक्षक थे। भाषा के मामले में वो कोई समझौता नहीं करते थे। महामंत्री शैलेश अवस्थी ने कहा कि प्रेस क्लब में उनके नाम पर पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार दुर्गेंद्र चौहान ने कहा कि विष्णु त्रिपाठी के अनगिनत शिष्य पूरे देश में बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। सभा की अध्यक्षता रामकिशोर बाजपेई और संचालन डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने किया। वक्ताओं में प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार अंजनी निगम, महेश शर्मा, दीपक मालवीय, उमेश शुक्ल, लोकेश शुक्ल, संतोष शुक्ला, मनोज सिंह, एडवोकेट रविन्द्र शर्मा, भारतेन्दु पुरी आदि रहे।

प्रमुख रूप से कृपेश त्रिपाठी, सुनील साहू, संदेश तिवारी, मुकेश श्रीवास्तव, आशीष त्रिपाठी, सुयश श्रीवास्तव, मुर्तजा खान, संजय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित व कई पार्षद उपस्थित रहे।



