निचलौल: मिश्रौलिया में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, 7 मस्टररोल पर 68 मजदूरों की फर्जी हाजिरी

महराजगंज। जनपद के निचलौल विकास खंड अंतर्गत ग्रामसभा मिश्रौलिया में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर अनियमितता सामने आई है। यहां मिट्टी कार्य के नाम पर कुल 7 मस्टर रोल चलाए जा रहे हैं, जिनमें कुल 68 मजदूरों की हाजिरी फर्जी फोटो के माध्यम से दर्ज की गई है। प्रथम दृष्टया यह हाजिरी पूरी तरह फर्जी प्रतीत हो रही है, जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,ग्राम पंचायत के अंतर्गत मिश्रौलिया में त्रिवेणी के खेत से पश्चिम महन्थ राय के खेत तक चकबंद कार्य दर्शाया गया है, जिसमें 68 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
हैरानी की बात यह है इस कार्य में मजदूरों की उपस्थिति प्रमाणित करने के लिए एक जैसे या संदिग्ध फोटो का प्रयोग किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मजदूरों को मौके पर बुलाए बिना ही कागजों में काम कराया गया है। यह सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और गरीब मजदूरों के हक पर डाका डालने जैसा मामला है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर न तो उतने मजदूर कभी दिखाई दिए और न ही कार्य की प्रगति हाजिरी के अनुरूप नजर आती है। इसके बावजूद मस्टर रोल पर भारी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर भुगतान की तैयारी की जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि मनरेगा जैसे महत्वाकांक्षी योजना में जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि आखिर किसके संरक्षण में इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे हैं? यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चेहरों से नकाब उतर सकता है।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी महराजगंज से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो और फर्जी हाजिरी के आधार पर हुए भुगतान की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मनरेगा घोटाले पर क्या सख्त कदम उठाता है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।



